Monthly Archive:: March 2017

केरल में हो रहे घोर अत्याचार

गूगल के ज़माने में यू तो बस एक क्लिक की देरी हैनौट चाहिए वो ख़बर और जानकारी आपसी नज़रों तले आ जाती है, मगर फिर भी कुछ अंकही चीज़ें छूट ही जातीहै। यू तो मीडिया लोकशाही का चौथा स्तम्भ...

केरल: वामपंथी हिंसा का नजरिया – सुनील कुहिकर

हमारे भारत के प्रजातंत्र में वैचारिक तथा राजनितिक मतभिन्नता का पूर्ण स्वातंत्र्य है ! अभिव्यक्ति की  आजादी , सबसे ज्यादा भारत मे पायी जाती है ! उधाहरण देना है तो यहाँ कोई भी भारत के सर्वोच्च पद पर आसिन...