Monthly Archive:: November 2018

राष्ट्रीय चेतना का उदघोष : अयोध्या आंदोलन – 3- नरेन्द्र सहगल

मंदिर की रक्षार्थ बलिदानों की झड़ी श्रीराम जन्मभूमि के साथ भारत की अस्मिता और हिन्दुओं का सर्वस्व जुड़ा है। यही कारण है कि रावण से लेकर बाबर तक जिस भी विदेशी और अधर्मी आक्रांता ने रामजन्मभूमि को अपवित्र करने...

राष्ट्रीय चेतना का उदघोष : अयोध्या आंदोलन – 2 – नरेंद्र सहगल

कुश निर्मित आद्य श्रीराम मंदिर   मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने भारत की सांस्कृतिक मर्यादा के अनुरूप अनेक महत्वपूर्ण निर्णय अपने जीवन में ही ले लिये थे। मरते दम तक सत्ता से चिपके रहने के अनैतिक दुर्भाव को ठोकर मारकर...

राष्ट्रीय चेतना का उदघोष : अयोध्या आंदोलन – 1- नरेन्द्र सहगल

पतित-पावनी : अयोध्या   जिसे युद्ध में कोई जीत न सके वही अयोध्या है। हिमालय की गोद में अठखेलियां खेलती हुई पण्य-सलिला सरयु अविरल चट्टानी रास्तों को तोड़कर मैदानी क्षेत्रों को तृप्त करती चली आ रही है। वैदिक काल...

आओ भव्य श्रीराम मंदिर बनाये !

अयोध्या।प्राचीन भारतीय इतिहासकी मोक्षदायीनी सप्तपूरी की एक ऐतिहासिक नगरी,मर्यादापुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्मभूमी,भगवान बुद्ध की तपोभूमी, जैन लोगोके श्रद्धानूसार पांच तिर्थंकर की जन्मभूमी,गुरु नानकदेव,गुरु तेगबहादूर तथा गुरु गोविंदसिंहजीं महाराज की कर्मभूमी।इन ऐतिहासिक मान्यताओंसे विख्यात शरयु के तीर पर स्थापीत...

*भारतीय अस्मितेचा मानबिंदू- श्रीरामजन्मभूमी*

अयोध्या! भारतीय इतिहासातील प्राचीन मोक्षदायिनी सप्तपूरी मधील एक ऐतिहासिक नगरी.मर्यादापुरुषोत्तम श्रीरामाची जन्मभूमी, भगवान बुद्ध यांची तपोभूमी, जैन मतानुसार पांच तीर्थंकरांची जन्मभूमी, गुरू नानकदेव, गुरू तेगबहादूर आणि गुरू गोविंदसिंगजी महाराज यांची कर्मभूमी म्हणून विख्यात असलेली शरयू तीरावरील अयोध्या आज न्यायासाठी...