॥ अर्पण - तर्पण ॥
राष्ट्रीय साधना के अनमोल रत्न: स्व. सुरेशराव जी केतकर को भावपूर्ण श्रद्धा-तर्पण परम पूज्य सुरेशराव जी के चरणों में भावपूर्ण श्रद्धा-तर्पण
॥ अर्पण - तर्पण ॥
राष्ट्रीय साधना के अनमोल रत्न: स्व. सुरेशराव जी केतकर को भावपूर्ण श्रद्धा-तर्पण
परम पूज्य सुरेशराव जी के चरणों में भावपूर्ण श्रद्धा-तर्पण
पितृपक्ष की इस पावन और पुण्यमयी वेला में, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक, निष्काम कर्मयोगी और जीवनपर्यंत संघनिष्ठा के सजीव प्रतीक स्व. श्री सुरेशराव रामचंद्र केतकर जी की पावन स्मृतियों को हम सहृदय नमन करते हैं।
पुणे की शिवाजी मंदिर शाखा के मुख्यशिक्षक से आरंभ हुई उनकी यह साधना-यात्रा सांगली, विभाग, प्रांत, क्षेत्र प्रचारक से लेकर अखिल भारतीय शारीरिक प्रमुख, सह-सरकार्यवाह और अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख जैसी गुरुतर जिम्मेदारियों तक अविरल बहती रही। सुरेशराव जी का संपूर्ण जीवन भाषणों के उपदेश से नहीं, बल्कि अपने स्वयं के आचरण से सिखाने वाली एक जीवंत पाठशाला था। विशाल उत्तरदायित्वों पर रहने के बाद भी सहजता से भूमि पर बैठना, हर कार्यक्रम में समय से पाँच मिनट पूर्व पहुँचना और वृद्धावस्था तक संघ-वर्गों में स्वयंसेवकों के साथ साधनारत रहना उनके निरहंकार और ध्येय-समर्पित व्यक्तित्व को दर्शाता है।
कठोर दिनचर्या, आत्म-नियंत्रण और अद्भुत शरीर-सौष्ठव के धनी सुरेशराव जी ने अपनी निष्ठा से न केवल 1983 के तलजाई शिविर और 1993 के लातूर भूकंप जैसे भीषण संकट काल में लोक-सेवा का नया इतिहास रचा, बल्कि लातूर के अति-पिछड़े क्षेत्र में 'विवेकानंद चिकित्सालय' जैसी महान आरोग्य संस्था की नींव भी रखी। लखनऊ को केंद्र बनाकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कोने-कोने में प्रवास करते हुए उन्होंने भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ और संस्कार भारती जैसे वटवृक्ष तुल्य संगठनों को अपनी आत्मीयता से सींचा।
16 जुलाई 2016 को उसी विवेकानंद चिकित्सालय के प्रांगण में अनन्त में लीन हुए राष्ट्र-ऋषि सुरेशराव जी आज भले ही भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, परंतु उनका अनुशासन, कर्मठता और ध्येय-समर्पण हर स्वयंसेवक के हृदय में सदा मशाल बनकर प्रज्वलित रहेगा।
पितृपक्ष के इस पवित्र अवसर पर ऐसे तपःपूत, निष्काम साधक के श्रीचरणों में हम अपने अश्रुपूर्ण भाव-पुष्प और कोटि-कोटि श्रद्धा-अर्घ्य समर्पित करते हैं।
ॐ शान्तिः! शान्तिः! शान्तिः!
अमोल तपासे, नागपूर
९९६०६७३७८९




