
राजनारायण बसु : राष्ट्रीय चेतना के अग्रदूत
भारत का स्वाधीनता संग्राम भारतीय इतिहास का एक गौरवशाली अध्याय है। ब्रिटिश आक्रमण जैसा सर्वंकष था वैसा ही समग्र हमारा उत्तर था। ब्रिटिशों के आक्रमण के कारण हमारा शिक्षित समाज अपने मूल से कट कर आत्मविस्मृति का शिकार होकर आत्मगौरव से शून्य हो रहा था। उस समय अनेक महापुरुषों ने राष्ट्रीय चेतना जगाने और राष्ट्र के स्वरूप की सुस्पष्ट कल्पना के लिए प्रभावी प्रयास किये उनमें राजनारायण बसु का नाम अग्रणी है। 7 दिसंबर 1826 को बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बोराल गां…












