नागपुर संस्करण
व्यक्तित्व

॥ अर्पण - तर्पण ॥

माधवराव कोंडोपंत मुले उपाख्य 'माधवरावजी' जी

📅 1 अक्टू॰ 2026 ✍️ Shri Amol Tapase 👁 58 बार देखा
॥ अर्पण - तर्पण ॥
॥ अर्पण - तर्पण ॥
 माधवराव कोंडोपंत मुले उपाख्य 'माधवरावजी' जी के पावन चरणों में पितृपक्ष के इस पावन अवसर पर हमारा श्रद्धापूरित नमन एवं भावभीना तर्पण
​हे राष्ट्रसाधक! हे निष्काम कर्मयोगी!
पितृपक्ष की इस पुण्यवेला में, हम अत्यंत विनम्र और कृतज्ञ हृदय से आपके विराट व्यक्तित्व और अमर राष्ट्रसेवा का स्मरण करते हुए आपको अपने भाव-सुमन अर्पित करते हैं।
​महाराष्ट्र की पावन धरा, ओझरखोल गाँव में जन्मे और नागपुर की क्रांति-भूमि में परम पूज्य डॉ. हेडगेवार जी के सानिध्य में तराशे गए आपका जीवन केवल एक व्यक्ति की गाथा नहीं, बल्कि माँ भारती के चरणों में सर्वस्व अर्पण करने की एक अमर साधना है। जब जीवन में व्यक्तिगत असफलताएँ और कष्ट आए, तब भी आपने अपने मार्ग से विचलित होना स्वीकार नहीं किया; डॉ. जी के एक आह्वान पर आपने अपनी समस्त आकांक्षाओं को राष्ट्र-यज्ञ में स्वाहा कर दिया।
​पंजाब की रणभूमि हो या विभाजन का वह विभीषिकामय क्रूर दौर, आपने एक ढाल बनकर लाखों असहाय हिंदुओं के प्राणों की रक्षा की। जब चारों ओर अंधकार और निराशा का तांडव था, तब आपके नेतृत्व, अदम्य साहस और सूक्ष्म दूरदर्शिता ने असहायों में नव-जीवन का संचार किया। कश्मीर पर जब संकट के बादल मँडराए, तब आपके मार्गदर्शन में स्वयंसेवकों के अथक परिश्रम से श्रीनगर हवाई अड्डे की मरम्मत संभव हो सकी, जिसने भारतीय सेना के पैरों को मजबूती दी और माँ भारती के मुकुट को खंडित होने से बचा लिया।
​निज़ाम के विरुद्ध सत्याग्रह से लेकर आपातकाल के उस काले अध्याय तक, आप लोकतंत्र और धर्म की रक्षा के लिए सदैव सीना ताने खड़े रहे। एक लाख बंदी स्वयंसेवकों के परिवारों की चिंता एक पिता की भांति करके आपने संघ-परिवार के 'कुटुंब-भाव' को चरितार्थ किया। आपने अपनी काया का एक-एक कण, सांसों का एक-एक पल संघ-कार्य और राष्ट्र-पुनर्निर्माण में होम कर दिया। आज विश्व के कोने-कोने में लहराता संघ-कार्य का ध्वज आपकी उसी असीम साधना और सूक्ष्म वैचारिक दृष्टि की अमर गवाही दे रहा है।
​३० सितंबर को अपनी देह का त्याग कर परमधाम पधारने वाले हे परम तपस्वी राष्ट्र-ऋषि! आपके विचार, आपकी निष्ठा और आपका त्यागमय जीवन आज भी कोटि-कोटि स्वयंसेवकों के हृदय में कर्तव्य-बोध की जोत जला रहा है।
पितृपक्ष के इस पावन अवसर पर, हम आपकी पावन 
स्मृतियों को नमन करते हुए आपके श्रीचरणों में यह अश्रुपूर्ण, भावभीना एवं कृतज्ञता-पूरित तर्पण अर्पित करते हैं।
​आपकी राष्ट्र-भक्ति का मार्ग सदैव हमारा मार्गदर्शन करता रहे।
​॥ ॐ शांतिः शांतिः शांतिः ॥
 अमोल तपासे,नागपुर
९९६०६७३७८९

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